Guru-God

‘स्वयं’ रूप आपने दिखलायो, बंद नेत्र आपकूँ ही पायो।खुले जूँ ये तो मन हर्षायो, गुरु-ईश्वर में कछु भेद न पायो।। मैं तो माटी लोथड़ा, कछु ना जाको मोल।गुरु छूअत बनी जो मूरत, माटी भयी अनमोल।। You have shown me The True form,When my eyes closed, I see only...